
इस जगत् में दो तरह के लोगों की चिंता मिटती है। एक, ज्ञानी पुरुष और दूसरा, परोपकारी की।
परम पूज्य दादा भगवानखुद की भूल खत्म होगी तब काम होगा। वर्ना यदि ‘ज्ञानी पुरुष’ आपको तार लेंगे तो काम हो जाएगा। यह तो, जो खुद तर चुके हैं और अनेक लोगों को तारने में समर्थ हैं, ऐसे ज्ञानी पुरुष का ही काम है।
परम पूज्य दादा भगवानsubscribe your email for our latest news and events
