
एक बार कढ़ापा-अजंपा करे तो भगवान कहते हैं कि इसे तो मेरी पड़ी ही नहीं है, खुद के सिर पर चिंता ले लेता है, तो करने दो इसे आराम से चिंता!
परम पूज्य दादा भगवानभगवान से पूछें कि यह सब क्या है? तब भगवान कहते हैं कि, ‘यह कुछ भी नहीं है। ये सभी अपने-अपने कर्म भुगत रहे हैं!’
परम पूज्य दादा भगवानवीतरागों ने जगत् को निर्दोष देखा। फिर भला दोष निकालने वाले हम कैसे अक्लमंद? भगवान से भी ज़्यादा अक्लमंद?
परम पूज्य दादा भगवानभगवान कौन हैं? जो शरीर होने के बावजूद भी शरीर के मालिक नहीं हैं, मन के मालिक नहीं हैं, वाणी के मालिक नहीं हैं, किसी भी चीज़ के मालिक नहीं हैं, वे इस जगत् में भगवान हैं!
परम पूज्य दादा भगवानटकराव ही अपनी अज्ञानता है। सही-गलत भगवान के वहाँ है ही नहीं। भगवान के वहाँ द्वंद है ही नहीं।
परम पूज्य दादा भगवानसामने वाला व्यक्ति भूल करके आए, उसकी कीमत नहीं है लेकिन क्लेश हो जाए तो उसकी बहुत कीमत है। जहाँ क्लेश है वहाँ भगवान का वास नहीं है।
परम पूज्य दादा भगवानsubscribe your email for our latest news and events
